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क्या हुआ नौलखा हार का अंतिम संस्कार के बाद , जानोगे सच्चाई तो हिल जाओगे आप ?

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बॉलीवुड की चांदनी की अचानक हुई मौत से पूरे देश को एक बड़ा सदमा लगा। आज भले ही मशहूर अदाकारा श्रीदेवी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। फिल्मों में निभाए गए श्रीदेवी के अनेकों किरदार को शायद ही कोई भूल पाएगा। श्रीदेवी ने जिंदा रहकर जहां लोगों के दिलों में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है, वहीं श्रीदेवी के आखिरी पलों में दुल्हन की तरह सजी श्रीदेवी के उस रुप को भी नहीं भूला जा सकता। श्रीदेवी को अंतिम यात्रा पर ले जाते वक्त सुहागनों जैसा श्रृंगार किया गया। गोल्डन और रेड कलर की कांजीवरम साड़ी में लिपटी श्रीदेवी को सुहागनों की तरह सजाया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए श्रीदेवी के शव की तस्वीर तो आपने भी जरूर देखी होगी। श्रीदेवी को अंतिम विदाई देते वक्त सोने के बेशकीमती हार से सजाया गया था। उस वक्त वो जेवरों से लदी हुई थी। उनके गले में एक यूनिक सा हार भी था। लेकिन श्रीदेवी के संस्कार के बाद जो सवाल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, वो ये है कि आखिरकार उन जेवरातों का किया क्या गया। आपको बता दें कि सोशल मीडिया में ये दावा किया जा रहा है कि श्रीदेवी के दाह संस्कार के दौरान वो बेशकीमती सोने का हार भी उनकी पार्थिव शरीर के साथ जला दिया गया। इतना ही नहीं कहा तो ये भी जा रहा है कि अंतिम यात्रा से पहले श्रीदेवी के मुंह में सोने का टुकड़ा भी डाला गया था और उसे भी उनके पार्थिव शरीर के साथ ही जला दिया गया।

इन पूरे मामले से जो सबसे बड़ा सवाल सामने आया है वो ये है कि श्रीदेवी के पार्थिव शरीर पर जो सोने के हार था उसका क्या हुआ। क्या उसे जला दिया गया। और दूसरा सवाल ये कि क्या पार्थिव शरीर के अंतिम श्रंगार के समय उनके मुंह में सोने का टुकड़ा डाला गया। श्रीदेवी के जेवरातों को लेकर जो भी बातें सामने आ रही है, उसमें कितनी सच्चाई है इसका तो पता नहीं। लेकिन अगर इन पूरे बातों पर गौर किया जाए तो कुछ तथ्य तो जरूर निकल कर सामने आते हैं। बात चाहे सोने के हार की हो या फिर सोने के टूकड़े की, आपको बता दें कि पार्थिव शरीर के साथ सोने को जलाने से सोना को कुछ भी नहीं होता है। चिता की आग से सोना नहीं गल सकता है। शव के जल जाने के बाद भी सोना वैसा ही रहता है। ऐसे में ज्यादातर तो यही देखा गया है कि लोग जलाने के वक्त सोने के जेवरों को पार्थिव शरीर से हटा देते हैं।

वहीं आपको ये बता दें कि चूंकि श्रीदेवी तमिलनाडू से थीं, इसलिए उनका अंतिम संस्कार तमिल रीति रिवाजों के मुताबिक ही किया गया। यही वजह है कि बोनी कपूर ने श्रीदेवी की अस्थियों को बहाने के लिए रामेश्वरम को चुना। श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को जो हार पहनाया गया था उसे टेम्पल ज्वेलरी कहा जाता है। दरअसल ये वो जेवर हैं जिसे तमिलनाडू में देवियों की मूर्तियों पर चढ़ाया जाता है। लेकिन अब ये नई नवेली दुल्हनों का आभूषण बन गया। माना जा रहा है कि इस हार को श्रीदेवी ने अपनी शादी में पहना हो। तमिल परंपरा के मुताबिक जब भी कोई सुहागिन महिला मरती है तो उसकी पार्थिव देह के मुंह में सोने का पान रखा जाता है। जिसे स्वर्ण तांबुल कहते हैं, ये मिलना मुश्किल होता है इसलिए लोग सोने के पान की जगह सोने का एक टुकड़ा रख देते हैं। दरअसल ये उनके अखंड सौभाग्य का प्रतीक होता है।

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