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होली की अगली सुबह जब राख लेने गए लोग तो वो नज़ारा देखकर डर गए ,ऐसा भी क्या देखा पढ़िए ??

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होली से ठीक एक दिन पहले लोग होलिका दहन की विधि विधान पूजा करते हैं जिसमे शामके वक़्त कुछ लकड़ियों को इक्कठा करके उसमे आग लागई जाती है और होली की सुबह लोग उस राख को लेने जाते हैं. लेकिन कल यानी की होली की सुबह जब कानपुर में कुछ लोग होलिका दहन से राख लेने गए तो वहां से राख में मिले कुछ अवशेषों को देखकर एकदम हैरान रह गए. आईये आपको बताते हैं की आखिर राख लेने गए लोगों को उस राख में ऐसा क्या मिला जिसने सभी को चौंका कर रख दिया.

जिस होलिका दहन की लोग कर रहे थे पूजा उसमे छिप कर बैठी थी लड़की

आपको बता दें की जिस घटना की बात कर रहे हैं वो दरअसल में उत्तर प्रदेश के कानपुर की घटना है. बता दें की कानपुर मूसानगर गावं में होलिका दहन की शाम को जब सब लोग होलिका दहन के लिए एकत्रित हुए तो वहां एक पहले से ही एक विशाल लकड़ियों का बण्डल तैयार किया गया था जिसे होलिका मानकर उसका दहन किया जाना. लोगों ने शाम को होलिका दहन तो कर दिया लेकिन जब वो होली की सुबह राख एकत्रित करने गए वहां मिले हड्डियों के अवशेष देखकर सबके रौंगटे खड़े होगये लेकिन जब जांच पड़ताल की गयी तो पता चला की जिस परिवार की तरफ से ये होलिका दहन की पूजा की जा रही थी उसी परिवार की एक लड़की उस लकड़ियों के बीच में जाकर बैठ गयी थी जिसे कोई भी देख नहीं पाया और लकड़ियों में आग लगा दी गयी जिसके बाद लकड़ियों के साथ साथ वो लड़की भी जलकर राख होगयी. बेहद हैरान कर देने वाली इस घटना के बारे में लोगों को को तब मालूम हुआ जब वो सवेरे राख लेने पहुंचे लेकिन वहां जली हुई लाश देख कर हथप्रभ रह गए. इसके बाद लोगों ने पुलिस को इस बात की सूचना दी और पुलिस ने आनन फानन में लाश को नजदीक के हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

इस वजह से लड़की जा बैठी थी लकड़ियों के बीच

बता दें की इस घटना में जिस लड़की की मौत हुई है वो कानपुर के मूसानगर गावं के निवासी केशव सिंह की बेटी सीमा थी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीमा की शादी सात साल पहले जालौन जिले के रहने वाले पुष्पेन्द्र के साथ हुई थी. सीमा का पहले से ही दिमागी हालत ठीक नहीं थी और इसी वजह से सीमा के पति ने ये मान लिया था की उसपर किसी भूत प्रेत का साया है और इसलिए गावं में स्थित बालाजी के मंदिर में उसे दिखाने के लिए उसके मायके लेकर आया था. इधर सीमा के परिवार वालों का कहना है की सीमा एक दिन पहेल घर से निकली थी और सुबह होली के दिन उसका शव होलिका दहन के राख से बरामद किया गया. इस घटना के बाद पूरे इलाके में हाहाकार मच गया है, सीमा के भाई मुखेंद्र सिंह ने बताया की मेरी बहन सीमा होलिक दहन की शाम से ही गायब थी हम सभी उसे यहाँ ढूंढ रहे थे लेकिन वो कहीं नहीं मिली. इसके बाद उसके भाई ने बताया की उसकी बहन का शव जहाँ से मिला है वो लोग वहां भी होलिका पूजा के लिए गए थे उन्हें क्या पता था की वो जिस होलिका दाहन की पूजा कर रहे हैं उसमे उसकी बहन भी जल रही थी.

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