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OMG! समुद्र किनारे खुदाई में मिला भगवान इंद्रा का वज्र, वैज्ञानिक भी हुए हैरान

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दुनियां में आए दिन लोगो को कुछ ना कुछ ऐसा मिलता रहता हैं जो उनके होश उड़ा के रख देता हैं. कई बार अनजाने में लोगो के ऐसी चीजे हाथ लग जाती हैं जो हमारे प्राचीन युग की गाथाए कह जाती हैं. अब संयुक्त राज्य की इस घटना को ही ले लीजिए. यहाँ फ़ार्म में काम करने वाले एक व्यक्ति को नदी के पास विशाल कोलंबियाई हाथी (एरावत) के अवशष मिले हैं. पुरातत्व विभाग के अनुसार ये अवशेष करीब 2000 साल पुराने हैं. जानकारी के मुताबिक यहाँ मोंटाना में एक पशु फ़ार्म का मालिक नदी किनारे यूं ही टहल रहा था कि तभी उसे जमीन के अन्दर कुछ विशाल चीज होने का अहसास हुआ. ये विशाल चीज प्राचीन समय में मौजूद विशालकाय हाथियों के अवशेष थे.

जैसे ही इस बात की खबर बाहर फैली पुरातव संग्राहलय ने जमीन के मालिक ली रानल्ड से संपर्क साधा. उन्होंने इस प्राचीन विशालकाय हाथी के अवशेषों का अध्ययन करने की इजाजत मांगी. रानल्ड ने उन्हें इजाजत दे दी. इसके बाद पुरातव विभाग की पूरी टीम उस स्थान पर अपने मजदूर और औजार लेकर पहुँच गई. जब इन लोगो ने मिट्टी की खुदाई करना शुरू किया तो अन्दर रखी चीज देख वे आश्चर्यचकित रह गए. इस जमीन के अन्दर मिली हाथियों की हाड्डी उनकी कल्पना से कही ज्यादा बड़ी निकली हैं. इस बात से स्पष्ट हो गया कि प्राचीन काल में विशालकाय हाथी सच में मौजूद थे.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि पुरातत्व विभाग ने इसके पहले भी कई हाथियों के अवशेषों को जमीन से बाहर निकाला हैं लेकिन इस बार उन्हें जो देखने को मिला था वो अब तक के सबसे बड़े हाथी की हड्डियाँ लग रही थी. हड्डियों की प्राथमिक जांच के बाद उन्हें कार्टर काउंटी सग्रहालय ले जाया गया जहाँ इनकी अच्छे से जांच पड़ताल हुई. जांच में पाया गया कि ये अवशेष कोलंबियाई हाथी के ही हैं. प्राथमिक जांच से ये अंदाज़ा लगाया जा रहा हैं कि ये करीब 10 हजार से लेकर 20 हजार कर्ष पुराने हो सकते हैं. हालाँकि उस दौरान इतने विशालकाय हाथियों की मौत किस तरह और क्यों हुई ये अभी भी वैज्ञानिको के लिए के रहस्य ही बना हुआ हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ये विशाल कोलंबियाई हाथी को ही कुछ लोग एरावत के नाम से पुकारते हैं. भारतीय पुराणों के अनुसार एरावत इंद्रा भगवान की शाही सवारी हुआ करते थे. इतना ही नहीं ऐसा भी कहा जाता हैं कि जब भारतीय संभ्यता को बनाने में कुछ जानवरों ने अपना योगदान दिया था तो उसमे ये विशाल एरावत हाथी भी शामिल थे. इंद्र और एरावत में एक विशेष कनेक्शन हुआ करता था. इंद्रा जब अपना वज्र धारण करते थे तो वो भी इसी एरावत हाथी की हड्डियों से बना होता था. इसलिए इस खबर के वायरल होते ही कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि यहाँ मिट्टी के नीचे से इन्द्रदेव का वज्र मिला हैं.

उधर सोशल मीडिया पर जब ये खबर वायरल हुई तो लोगो को अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ. ये हाथी पौराणिक कथाओं वाला एरावत ही था या कोई और ये तो अभी सपष्ट नहीं कहा जा सकता लेकिन एक बात तो सच में तय हैं कि ये हाथी का आकार सच में काफी विशाल रहा होगा.

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